बस यूँ ही…

ना पहाड़ों से इश्क़ किया, ना फूलों की बातें सुनीं…
बस यूँ ही जीते चले जाना, कोई अच्छी बात तो नही |

ना जी भरकर रोए किसी की याद में,
ना गिने रातों में तारे…
हर दर पे दिल लगाते जाना,
कोई अच्छी बात तो नहीं |

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