Category: Poetry

  • विदा !

    किसने कहा कि जो जाता है, वह लौटकर नहीं आता, इस कालचक्र का हिसाब पूरा करने हम बार-बार लौटते हैं। चाहे साल का आख़िरी दिन हो, या जीवन का आख़िरी क्षण, कोशिश करो कि जब भी हम विदा ले रहे हों किसी से, उस समय केवल प्रेम शेष रहे। क्योंकि…

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