Category: कविताएं हिंदी में
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अंतिम अनुरोध
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कभी-कभी मैं सोचती हूँ कि क्यों नहीं रह पायी कभी कोई भी सभ्यता इस धरती पर चिरकाल तक … क्यों हर सभ्यता अपनी चरम सीमा पर आने के बाद मिट गयी, और रह गये केवल उनके अवशेष। इस धरती ने बार-बार हमें अपनी गोद में जगह दी, नदियाँ दीं, पहाड़…