अस्तित्व से पहले

जैसे तारे टूटने के पहले,

ब्रह्मांड का ही एक हिस्सा होते हैं…

जैसे बारिश होने के पहले पानी,

बादलों का एक टुकड़ा होता है…

जैसे रंग हमें दिखाई देने के पहले,

सूरज की किरणों में होते हैं…

जैसे प्रेम किए जाने से पहले भी

हृदय के किसी कोने में अस्तित्व में होता है…

ठीक वैसे ही, मिलने और बिछड़ने के पहले,

हम और तुम एक ही थे…

जीवन और मृत्यु का क्रम अनवरत चलता रहेगा,

पर तुम बस ये याद रखना…

हम बार-बार बिछड़ेंगे,

बार-बार मिलने के लिए।

Written by Shilpa Shukla.

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